छठ पूजा के गीत | Chhath Puja Songs
लोक आस्था, भक्ति और छठी मईया के मधुर भोजपुरी गीत
छठ पूजा बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और देश के कई अन्य क्षेत्रों में श्रद्धा के साथ मनाया जाने वाला पावन पर्व है। इस अवसर पर छठी मईया और सूर्य देव की उपासना की जाती है। छठ के पारंपरिक भोजपुरी गीत पूजा के माहौल को भक्तिमय बनाते हैं। इस पोस्ट में लोकप्रिय छठ पूजा गीतों के बोल एक जगह पढ़ें।
1. केलवा के पात पर
Kelwa Ke Paat Par Chhath Song Lyrics
केलवा के पात पर उगेलन सुरुज मल झांके ऊंके केलवा के पात पर उगेलन सुरुज मल झांके ऊंके हो करेलु छठ बरतिया से झांके ऊंके हम तोसे पूछी बरतिया ऐ बरितया से केकरा लागी हम तोसे पूछी बरतिया ऐ बरितया से केकरा लागी हे करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी हे करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी हमरो जे बेटवा पवन ऐसन बेटवा से उनके लागी हमरो जे बेटवा पवन ऐसन बेटवा से उनके लागी हे करेलू छठ बरतिया से उनके लागी हे करेलू छठ बरतिया से उनके लागी अमरुदिया के पात पर उगेलन सुरुज मल झांके झुके अमरुदिया के पात पर उगेलन सुरुज मल झांके झुके हे करेलु छठ बरतिया से झांके झुके हे करेलु छठ बरतिया से झांके झुके हम तोसे पूछी बरतिया ए बरितिया से केकरा लागी हम तोसे पूछी बरतिया ए बरितिया से केकरा लागी हे करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी हे करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी हमरो जे स्वामी पवन एसन स्वामी उनके लागी हमरो जे स्वामी पवन एसन स्वामी उनके लागी हे करेली छठ बरतिया से उनके लागी हे करेली छठ बरतिया से उनके लागी नारियर के पात पर उगेलन सुरूजमल झांके झूके नारियर के पात पर उगेलन सुरूजमल झांके झूके हे करेलू छठ बरतिया से झांके झूके हे करेलू छठ बरतिया से झांके झूके हम तोसे पूछी बरतिया ए बरतिया से केकरा लागी हम तोसे पूछी बरतिया ए बरतिया से केकरा लागी हे करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी हे करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी हमरो जे बेटी पवन ऐसन बेटिया से उनके लागी हमरो जे बेटी पवन ऐसन बेटिया से उनके लागी हे करेलू छठ बरतिया से उनके लागी हे करेलू छठ बरतिया से उनके लागी
2. पहिले पहिल हम कईनी
Pahile Pahil Hum Kayini Chhath Geet
पहिले पहिल हम कईनी छठी मईया व्रत तोहार करिहा क्षमा छठी मईया भूल-चूक गलती हमार सब के बलकवा के दिहा छठी मईया ममता-दुलार पिया के सनईहा बनईहा मईया दिहा सुख-सार नारियल-केरवा घोउदवा साजल नदिया किनार सुनिहा अरज छठी मईया बढ़े कुल-परिवार घाट सजेवली मनोहर मईया तोरा भगती अपार लिहिएं अरग हे मईया दिहीं आशीष हजार पहिले पहिल हम कईनी छठी मईया व्रत तोहर करिहा क्षमा छठी मईया भूल-चूक गलती हमार
3. ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से
U Je Kerwa Je Farela Khabad Se
ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से ओह पर सुगा मेड़राए मारबो रे सुगवा धनुख से सुगा गिरे मुरझाए ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से आदित होई ना सहाय ऊ जे नारियर जे फरेला खबद से ओह पर सुगा मेड़राए मारबो रे सुगवा धनुख से सुगा गिरे मुरझाए ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से आदित होई ना सहाय अमरुदवा जे फरेला खबद से ओह पर सुगा मेड़राए मारबो रे सुगवा धनुख से सुगा गिरे मुरझाए ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से आदित होई ना सहाय शरीफवा जे फरेला खबद से ओह पर सुगा मेड़राए मारबो रे सुगवा धनुख से सुगा गिरे मुरझाए ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से आदित होई ना सहाय ऊ जे सेववा जे फरेला खबद से ओह पर सुगा मेड़राए मारबो रे सुगवा धनुख से सुगा गिरे मुरझाए ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से आदित होई ना सहाय सभे फलवा जे फरेला खबद से ओह पर सुगा मेड़राए मारबो रे सुगवा धनुख से सुगा गिरे मुरझाए ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से आदित होई ना सहाय
4. कबहुं ना छूटी छठि मइया
Kabahun Na Chhuti Chhathi Maiya
हमनी से बरत तोहार हमनी से बरत तोहार तहरे भरोसा हमनी के, छूटी नाही छठ के त्योहार छूटी नाही छठ के त्योहार अपने सरन में ही रखिह, दिह आसिस हज़ार दिह आसिस हज़ार गोदिया भराईल छठी मइय्या, बाटे राऊर किरपा अपार बाटे राऊर किरपा अपार चाहें रहब देसवा बिदेसवा, छठ करब हम हर बार छठ करब हम हर बार डूबतो सुरुज के जे पूजे, इहे बाटे हमर बिहार इहे बाटे हमर बिहार फलवा दउरवा सजाके, अईनी हम घाट पे तोहार अईनी हम घाट पे तोहार दिहनी अरघ छठी मईया, करीं हमर आरती स्वीकार करीं हमर आरती स्वीकार कबहुँ ना छूटी छठि मइया, हमनी से बरत तोहार हमनी से बरत तोहार तहरे भरोसा हमनी के, छूटी नाही छठ के त्योहार छूटी नाही छठ के त्योहार छूटी नाही छठ के त्योहार छूटी नाही छठ के त्योहार
5. सोना सट कुनिया, हो दीनानाथ
Sona Sat Kuniya Ho Deenanath
हे घूमइछा संसार, हे घूमइछा संसार सोना सट कुनिया, हो दीनानाथ हे घूमइछा संसार, हे घूमइछा संसार आन दिन उगइ छा हो दीनानाथ आहे भोर भिनसार, आहे भोर भिनसार आजू के दिनवा हो दीनानाथ हे लागल एती बेर, हे लागल एती बेर बाट में भेटिए गेल गे अबला एकटा अन्हरा पुरुष, एकटा अन्हरा पुरुष अंखिया दियेते गे अबला हे लागल एती बेर, हे लागल एती बेर बाट में भेटिए गेल गे अबला एकटा बाझिनिया, एकटा बाझिनिया बालक दियेते गे अबला हे लागल एती बेर, हे लागल एती बेर
छठ पूजा के गीतों का महत्व
छठ पूजा के पारंपरिक गीतों में सूर्य देव और छठी मईया के प्रति श्रद्धा, परिवार की सुख-समृद्धि, संतान के कल्याण और मनोकामनाओं की प्रार्थना व्यक्त की जाती है। घाट पर सामूहिक रूप से गाए जाने वाले ये लोकगीत छठ पर्व की सांस्कृतिक परंपरा को जीवित रखते हैं।
आप इन भोजपुरी गीतों को छठ पूजा की तैयारी, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य के अवसर पर सुन सकते हैं या परिवार के साथ गा सकते हैं।
नोट: भोजपुरी लोकगीतों के बोल क्षेत्र और गायन परंपरा के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। इस पोस्ट में दिए गए बोल उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए पाठ के आधार पर व्यवस्थित किए गए हैं।
